बरहेट थाना बनेगा ‘बाल मित्र थाना’, बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस और जिला बाल संरक्षण इकाई की अहम बैठक
बरहेट थाना बनेगा 'बाल मित्र थाना'
बरहेट थाना बनेगा ‘बाल मित्र थाना’, बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस और जिला बाल संरक्षण इकाई की अहम बैठक
रिपोर्टर – उज्जवल कुमार साहा
बरहेट/साहेबगंज:
जिले में बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में शनिवार को बरहेट थाना में ‘बाल मित्र थाना’ अवधारणा पर एक महत्वपूर्ण संवाद आयोजित किया गया। बैठक में पुलिस एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और बाल-अनुकूल वातावरण विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, साहेबगंज के नेतृत्व में संरक्षण पदाधिकारी (गैर संस्थागत देखरेख) तथा चाइल्ड हेल्प लाइन के परियोजना समन्वयक ने बरहेट थाना प्रभारी से मुलाकात कर ‘बाल मित्र थाना’ की अवधारणा, उसके उद्देश्य और प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में बताया गया कि बाल मित्र थाना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल उपलब्ध कराना है, जो किसी प्रकार के संरक्षण की आवश्यकता में हों, अपराध से प्रभावित हों या विधि से संघर्षरत हों। ऐसे मामलों में बच्चों के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील एवं मानवीय तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस दौरान पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्प लाइन और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों से जुड़े मामलों का त्वरित समाधान करने पर भी बल दिया गया। साथ ही किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा अन्य बाल संरक्षण कानूनों के प्रभावी अनुपालन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

बैठक के अंत में बरहेट थाना प्रभारी ने बाल संरक्षण से जुड़े प्रत्येक मामले में जिला प्रशासन एवं जिला बाल संरक्षण इकाई को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके हितों की सुरक्षा के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
बरहेट थाना में ‘बाल मित्र थाना’ अवधारणा पर विशेष बैठक।
बच्चों के लिए सुरक्षित एवं बाल-अनुकूल वातावरण विकसित करने पर जोर।
पुलिस, चाइल्ड हेल्प लाइन और जिला बाल संरक्षण इकाई के बीच समन्वय बढ़ाने पर सहमति।
किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के प्रभावी क्रियान्वयन पर साझा प्रतिबद्धता।
थाना प्रभारी ने बाल संरक्षण के सभी मामलों में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।

