किसानों को महंगे दाम पर खाद बेचने का आरोप, निसात आलम ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की
निसात आलम ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की

किसानों को महंगे दाम पर खाद बेचने का आरोप, निसात आलम ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की
रिपोर्टर – उज्जवल कुमार साहा
साहिबगंज। किसानों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर डीएपी और यूरिया खाद बेचे जाने की शिकायत को लेकर पाकुड़ विधायक निसात आलम ने कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि सरकार द्वारा किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए डीएपी की कीमत 1,350 रुपये प्रति बोरी तथा यूरिया की कीमत 266.50 रुपये प्रति बोरी निर्धारित की गई है। साथ ही राज्य के सभी अनुज्ञप्तिधारी थोक उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित दर पर ही खाद बिक्री करने का निर्देश दिया गया है।
लेकिन क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसानों एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं से शिकायत मिली कि साहिबगंज जिले के थोक उर्वरक विक्रेताओं द्वारा खुदरा विक्रेताओं को डीएपी 1,850 रुपये प्रति बोरी और यूरिया 350 रुपये प्रति बोरी की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे किसानों को निर्धारित मूल्य से काफी अधिक कीमत पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
विधायक ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने विधानसभा में तारांकित प्रश्न भी उठाया था। विभाग की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक दिए जाने संबंधी किसी प्रकार की शिकायत अब तक प्राप्त नहीं हुई है। विधायक ने विभागीय जवाब को संतोषजनक नहीं बताते हुए कहा कि उनके पास इस संबंध में लिखित शिकायत भी उपलब्ध है।
निसात आलम ने कृषि मंत्री से मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने तथा एक माह के भीतर जांच प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जांच के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के किसानों को डीएपी एवं यूरिया निर्धारित दर पर समय पर उपलब्ध हो सके और उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े।
