राजमहल अनुमंडल अस्पताल में फाइलेरिया प्रभावित दिव्यांगों को मिली ट्राइसाइकिल, आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ा कदम
राजमहल अनुमंडल अस्पताल में फाइलेरिया प्रभावित दिव्यांगों को मिली ट्राइसाइकिल

राजमहल अनुमंडल अस्पताल में फाइलेरिया प्रभावित दिव्यांगों को मिली ट्राइसाइकिल, आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ा कदम
रिपोर्टर – उज्जवल कुमार साहा
साहिबगंज जिले के अनुमंडल अस्पताल राजमहल में शुक्रवार को फाइलेरिया (हाथीपांव) से प्रभावित दिव्यांगजनों के बीच ट्राइसाइकिल का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य ऐसे लाभार्थियों को दैनिक जीवन में आवागमन की सुविधा प्रदान करना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा सम्मानजनक जीवन जीने में सहयोग देना है।
कार्यक्रम में राजमहल विधायक प्रतिनिधि ने लाभार्थियों के बीच ट्राइसाइकिल वितरित करते हुए कहा कि समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने लाभार्थियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर राजमहल सीएचसी के उपाधीक्षक डॉ. उदय टुडू, बीपीएम अमित कुमार, केटीएस डेनियल किस्कू, मनीष, पिरामल फाउंडेशन के सीनियर प्रोग्राम लीड श्रवण कुमार झा, प्रोग्राम मैनेजर ऐमन दास, प्रोग्राम ऑफिसर श्रीकांत पंडित सहित स्वास्थ्य विभाग एवं पिरामल फाउंडेशन के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि फाइलेरिया केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि समय पर उपचार और बचाव नहीं होने पर यह व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। इसलिए समय पर जांच, उपचार और जनजागरूकता इस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि सभी पात्र व्यक्ति स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन अवश्य करें। साथ ही मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए घर एवं आसपास साफ-सफाई रखें, जलभराव न होने दें तथा नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें। यदि किसी व्यक्ति के हाथ, पैर या अंडकोष में असामान्य सूजन दिखाई दे तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच एवं उपचार कराएं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं लाभार्थियों ने फाइलेरिया मुक्त साहिबगंज के निर्माण के लिए जनसहभागिता बढ़ाने तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि जागरूकता, समय पर उपचार और सामुदायिक सहयोग से फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को अवश्य हासिल किया जा सकेगा।



