‘नशा मुक्त युवा भारत’ राज्य स्तरीय रील प्रतियोगिता में साहिबगंज कॉलेज के छात्र रितेश रंजन बने विजेता, जीते ₹10 हजार
नशा मुक्त युवा भारत' राज्य स्तरीय रील प्रतियोगिता में साहिबगंज कॉलेज के छात्र रितेश रंजन बने विजेता

‘नशा मुक्त युवा भारत’ राज्य स्तरीय रील प्रतियोगिता में साहिबगंज कॉलेज के छात्र रितेश रंजन बने विजेता, जीते ₹10 हजार
रिपोर्टर – उज्जवल कुमार साहा
साहिबगंज, 07 अगस्त।
भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय ‘नशा मुक्त युवा भारत’ रील प्रतियोगिता में साहिबगंज कॉलेज के पीजी सेमेस्टर-4 (राजनीति विज्ञान) के छात्र रितेश रंजन ने प्रथम स्थान हासिल कर जिले और महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। उत्कृष्ट एवं प्रभावशाली प्रस्तुति के लिए उन्हें प्रथम पुरस्कार स्वरूप ₹10,000 की नकद राशि, प्रशस्ति-पत्र और सम्मान प्रदान किया गया।
नशा मुक्ति के प्रति युवाओं में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता में रितेश रंजन ने एक रचनात्मक और संदेशपरक रील तैयार की, जिसमें नशे के दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से दर्शाते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की गई। उनकी प्रस्तुति को राज्य स्तर पर निर्णायकों ने सर्वश्रेष्ठ माना।

राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में राज्य निदेशक ने रितेश रंजन को प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया। उनकी इस उपलब्धि पर साहिबगंज कॉलेज में खुशी का माहौल है और इसे महाविद्यालय के लिए गर्व की बात बताया जा रहा है।
साहिबगंज कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने रितेश रंजन को बधाई देते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और रील जैसे आधुनिक डिजिटल माध्यमों का उपयोग यदि सामाजिक जागरूकता फैलाने के लिए किया जाए, तो उसका व्यापक और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रितेश ने अपनी प्रतिभा का उपयोग समाजहित में कर अन्य युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
प्राचार्य ने रितेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी यह सफलता महाविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को भी सामाजिक सरोकारों और राष्ट्रहित से जुड़े अभियानों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेगी।

महाविद्यालय परिवार ने भी रितेश रंजन को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर उन्होंने न केवल अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया, बल्कि ‘नशा मुक्त भारत’ के संदेश को भी प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया।


