जन्म-मृत्यु निबंधन में लापरवाही नहीं, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का उपायुक्त ने दिया निर्देश
जन्म-मृत्यु निबंधन में लापरवाही नहीं

जन्म-मृत्यु निबंधन में लापरवाही नहीं, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का उपायुक्त ने दिया निर्देश
रिपोर्टर – उज्जवल कुमार साहा
उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में जन्म-मृत्यु निबंधन कार्य की समीक्षा को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में जन्म एवं मृत्यु के समयबद्ध निबंधन, प्रमाण-पत्र निर्गमन, विलंबित पंजीकरण, निजी एवं सरकारी अस्पतालों की भूमिका तथा निबंधन अभिलेखों के रख-रखाव सहित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले सभी बच्चों को डिस्चार्ज के समय जन्म प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विशेष परिस्थितियों में जन्म अथवा मृत्यु की घटनाओं का नियमानुसार समय पर निबंधन किया जाए। साथ ही मृत जन्म (Still Birth) के मामलों की भी अनिवार्य रूप से रिपोर्टिंग एवं निबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
निजी अस्पतालों द्वारा जन्म-मृत्यु से संबंधित घटनाओं की सूचना CRS पोर्टल के माध्यम से समय पर उपलब्ध कराने तथा संबंधित माता-पिता अथवा परिजनों को अस्पताल स्तर से ही प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। प्रमाण-पत्र की इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी को प्रभावी बनाने के लिए आवेदकों का मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी यथासंभव प्राप्त करने पर भी बल दिया गया।
बैठक में एक वर्ष से अधिक विलंबित जन्म-मृत्यु पंजीकरण के मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रमाण-पत्र निर्गत करने से पूर्व सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं एवं दस्तावेजों की समुचित जांच की जाए तथा सक्षम प्राधिकारी के आदेश के उपरांत ही निबंधन की कार्रवाई की जाए।
उपायुक्त ने निजी अस्पतालों के प्रभारी पदाधिकारियों के साथ कम-से-कम माह में एक बार बैठक आयोजित करने, सभी निबंधन इकाइयों का नियमित स्थलीय निरीक्षण करने तथा जन्म-मृत्यु रजिस्टर एवं संबंधित अभिलेखों का उचित रख-रखाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा फर्जी पंजीकरण, यूजर क्रेडेंशियल के दुरुपयोग एवं जाली प्रमाण-पत्रों की रोकथाम के लिए निबंधकों को नियमित प्रशिक्षण एवं जागरूकता प्रदान करने तथा लॉगिन क्रेडेंशियल साझा नहीं करने एवं समय-समय पर पासवर्ड बदलने का निर्देश दिया गया। समय पर जन्म-मृत्यु पंजीकरण को लेकर प्रचार वाहन, पोस्टर-बैनर एवं दीवार लेखन के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को समीक्षा के दौरान दिए गए निर्देशों का ससमय अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईन्द, सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अनिल कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी नयन कुमार, नगर प्रसाशक साहेबगंज एवं राजमहल उपस्थित थे।




