राजमहल में जलवायु अनुकूल खेती और मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
राजमहल में जलवायु अनुकूल खेती और मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
किसानों को दी गई आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी, मिट्टी की जांच और संतुलित उर्वरक उपयोग के बताए गए फायदे
रिपोर्टर – उज्जवल कुमार साहा
राजमहल (साहिबगंज)। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से राजमहल प्रखंड के मखनी गांव एवं खुटहरी पंचायत में आयोजित दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को हुआ। समापन कार्यक्रम पंचायत समिति सदस्य रेणु बाला की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जलवायु अनुकूल खेती एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। मखानी गांव में आयोजित प्रशिक्षण में किसानों को बदलते मौसम के अनुसार फसल प्रबंधन, कम वर्षा की स्थिति में खेती के उपाय, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण तथा संतुलित उर्वरक के इस्तेमाल की जानकारी दी गई।
वहीं, खुटहरी पंचायत में मृदा स्वास्थ्य कार्ड विषय पर आयोजित प्रशिक्षण में मिट्टी की जांच, मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की पहचान तथा फसलों की जरूरत के अनुसार खाद एवं उर्वरकों के प्रयोग के बारे में बताया गया। प्रशिक्षकों ने कहा कि मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर रखने से फसल उत्पादन में वृद्धि होती है और खेती की लागत को भी कम किया जा सकता है।
इस दौरान सहायक तकनीकी प्रबंधक (एटीएम) नीरज कुमार एवं प्रवीण कुमार ने किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दौर में किसानों को मौसम के अनुकूल खेती की तकनीक अपनाना जरूरी है, ताकि कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सके।
कार्यक्रम में किसानों की कृषि संबंधी समस्याओं पर भी चर्चा की गई। मौके पर सीआरपी लता कुमारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान उपस्थित रहे।



