एमएसपी समेत किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर विधायक निशात आलम को सौंपा ज्ञापन
एमएसपी समेत किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर विधायक निशात आलम को सौंपा ज्ञापन

- एमएसपी समेत किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर विधायक निशात आलम को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्टर – उज्जवल कुमार साहा
साहिबगंज/पाकुड़। संयुक्त किसान मोर्चा केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर देशभर के सांसदों एवं विधायकों को ज्ञापन सौंपने के अभियान के तहत पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक निशात आलम को ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कामरेड असगर आलम ने की।
ज्ञापन के माध्यम से किसान नेताओं ने केंद्र सरकार पर 19 सितंबर 2021 को दिल्ली की सीमाओं पर हुए ऐतिहासिक किसान आंदोलन के दौरान किए गए लिखित आश्वासनों को लागू नहीं करने का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया। नेताओं ने एमएसपी की कानूनी गारंटी, किसानों की कर्जमाफी, बिजली के निजीकरण पर रोक तथा किसानों के विरुद्ध दर्ज मुकदमों की वापसी सहित विभिन्न मांगों को विधानसभा एवं लोकसभा में उठाने का आग्रह विधायक से किया।

किसान संगठनों ने सभी फसलों के लिए C2+50 प्रतिशत की दर से कानूनी रूप से गारंटीकृत एमएसपी लागू करने और सरकारी खरीद की गारंटी देने की मांग की। इसके अलावा ग्रामीण कर्ज माफी, किसान एवं कृषि मजदूर आत्महत्या पीड़ित परिवारों को मुआवजा, चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने, न्यूनतम मजदूरी ₹31 हजार करने तथा मनरेगा में 200 दिनों के काम और ₹700 दैनिक मजदूरी की गारंटी देने की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन में बिजली निजीकरण विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम संशोधन विधेयक वापस लेने, फसल एवं पशुधन बीमा की सार्वजनिक क्षेत्र में व्यवस्था करने, सिंचाई सुविधा का विस्तार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन ₹10 हजार प्रतिमाह करने तथा बाढ़-सूखा जैसी आपदाओं में प्रभावी राहत सुनिश्चित करने की मांग की गई।
स्थानीय समस्याओं को भी उठाया
ज्ञापन में साहिबगंज जिले की स्थानीय समस्याओं को भी प्रमुखता से शामिल किया गया। पाकुड़-बरहरवा मुख्य सड़क में पलाशबोना से श्रीकुंड तथा भीमपाड़ा से दुलमपुर तक संकीर्ण सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण की मांग की गई।
श्रीकुंड से शिवपहाड़ तक प्रस्तावित सड़क के लिए तीन फसलीय सिंचित भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई गई तथा इसे रद्द करने की मांग की गई। इसके अलावा फोरलेन सड़क निर्माण में रैयतों को निबंधित केवाला एवं दखल-दस्तावेज के आधार पर मुआवजा भुगतान, सकरीगली के गोपालपुर दियारा में बाढ़ कटाव से प्रभावित भूमिहीन परिवारों को जमीन एवं आवास उपलब्ध कराने तथा दाखिल-खारिज और ऑनलाइन पंजी-2 में सुधार की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की गई।
किसानों ने सरकारी योजनाओं में कथित लूट-खसोट एवं राशन वितरण में अनियमितता पर रोक लगाने, साहिबगंज में खासमहल जमीन पर वर्षों से रह रहे लोगों को मालिकाना हक देने, अनसर्वेक्षित भूमि का सर्वे शुरू करने तथा दरियापुर से सुल्तान मोड़ स्थित सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाकर उप-स्वास्थ्य केंद्र निर्माण की मांग भी रखी।
इसके साथ ही जिले के प्राथमिक से प्लस-टू विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति करने की मांग की गई।
कार्यक्रम में कॉमरेड इश्तियाक, कैफुल इस्लाम, शरीफुल इस्लाम, मिलन शेख, श्यामसुंदर पोद्दार, सपन दास, फैसल, सलीम शेख समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे।


