कीचड़युक्त पगडंडी पर ग्रामीणों ने की धान की रोपनी, सड़क की मांग को लेकर फूटा गुस्सा
कीचड़युक्त पगडंडी पर ग्रामीणों ने की धान की रोपनी, सड़क की मांग को लेकर फूटा गुस्सा

कीचड़युक्त पगडंडी पर ग्रामीणों ने की धान की रोपनी, सड़क की मांग को लेकर फूटा गुस्सा
रिपोर्टर – उज्जवल कुमार साहा
साहिबगंज। प्रखंड क्षेत्र के पोआल गांव में पक्की सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है। वर्षों से सड़क की समस्या झेल रहे ग्रामीणों ने बुधवार को कीचड़ से लथपथ पगडंडी पर धान की रोपनी कर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के अभाव में बारिश के दिनों में आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों ने बीते रविवार को जिला प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि यदि सड़क की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे इसी कीचड़युक्त रास्ते पर धान की खेती करेंगे। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और सोमवार को अधिकारियों की संयुक्त टीम ने पोआल गांव पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण दल में अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईंद, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता देवीलाल हांसदा तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी नागेश्वर साव शामिल थे। अधिकारियों ने डिगरा टोला, मांझी टोला समेत गांव के विभिन्न मोहल्लों का पैदल भ्रमण कर सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने “रोड नहीं तो वोट नहीं” का नारा बुलंद करते हुए मतदान बहिष्कार का ऐलान किया था। उस समय बीडीओ नागेश्वर साव ने ग्रामीणों को समझाने के लिए जेसीबी मंगवाकर आनन-फानन में कच्चे रास्ते को दुरुस्त करवाया था। साथ ही ग्रामीणों को जल्द पक्की सड़क निर्माण का लिखित और मौखिक आश्वासन दिया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद अब तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। इसी से नाराज होकर ग्रामीणों ने बुधवार को कीचड़ भरे रास्ते में धान की रोपनी कर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति अपना विरोध जताया।
विरोध प्रदर्शन में प्रधान संग्राम सोरेन, वार्ड सदस्य दिनेश सोरेन सहित रवि राकेश, सुनील हेंब्रम, सुभाष मुर्मू, विजय सोरेन, सुशीला हांसदा, तलामय हांसदा, मरांग मय टुडू, ताला कुड़ी किस्कू, डेविड हेंब्रम और मानवेल मुर्मू समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सड़क निर्माण को लेकर ठोस पहल नहीं हुई तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखने को मजबूर होंगे।


