बड़हरवा स्टेशन पर दो फोर्स्ड लेआउट हटाए गए, टर्नआउट की गति क्षमता बढ़कर हुई 30 किमी प्रति घंटा
बड़हरवा स्टेशन पर दो फोर्स्ड लेआउट हटाए गए, टर्नआउट की गति क्षमता बढ़कर हुई 30 किमी प्रति घंटा

बड़हरवा स्टेशन पर दो फोर्स्ड लेआउट हटाए गए, टर्नआउट की गति क्षमता बढ़कर हुई 30 किमी प्रति घंटा
रिपोर्टर – उज्जवल कुमार साहा
4.5 घंटे के ट्रैफिक ब्लॉक में पूरा हुआ ट्रैक सुधार कार्य, परिचालन संरक्षा और ट्रैक ज्योमेट्री में होगा सुधार
बड़हरवा। परिचालन संरक्षा को मजबूत करने और ट्रैक ज्योमेट्री में सुधार के उद्देश्य से पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने बड़हरवा स्टेशन सीमा में महत्वपूर्ण ट्रैक सुधार कार्य पूरा किया है। 30 अगस्त 2026 को निर्धारित 4.5 घंटे के ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान प्वाइंट संख्या 53 और 55B पर मौजूद दो फोर्स्ड लेआउट को सफलतापूर्वक हटाया गया।
यह कार्य मंडल रेल प्रबंधक, मालदा श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल अभियंता (समन्वय) श्री निलेश कुमार गौरव के पर्यवेक्षण में इंजीनियरिंग टीम द्वारा किया गया।
कार्य के तहत प्वाइंट संख्या 53 को बोनिदांगा की ओर पांच मीटर स्थानांतरित किया गया। इसके साथ ट्रैक रिअलाइनमेंट और 40 मिमी स्लीविंग का कार्य किया गया। वहीं करीब 55 ट्रैक मीटर रेल परिवर्तन तथा 70 ट्रैक मीटर ट्रैक अलाइनमेंट, बैलास्टिंग और पैकिंग का काम किया गया।
फोर्स्ड लेआउट हटने के बाद प्वाइंट संख्या 53 के टर्नआउट की गति क्षमता 15 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 30 किलोमीटर प्रति घंटा की जा रही है। इससे इस स्थान पर ट्रेनों की गति क्षमता दोगुनी हो जाएगी।
इसी तरह प्वाइंट संख्या 55B को भी बोनिदांगा की ओर 2.2 मीटर स्थानांतरित किया गया। यहां 60 ट्रैक मीटर रेल परिवर्तन के साथ 70 ट्रैक मीटर ट्रैक अलाइनमेंट, बैलास्टिंग एवं पैकिंग का कार्य किया गया। इससे ट्रैक की संरचना और ज्योमेट्री में सुधार हुआ है।
रेलवे के अनुसार, निर्धारित ट्रैफिक ब्लॉक के भीतर पूरे कार्य को इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं टीआरडी विभागों के बेहतर समन्वय से समय पर पूरा किया गया। इस सुधार से बड़हरवा स्टेशन सीमा में ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होने के साथ परिचालन दक्षता और संरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मालदा मंडल की ओर से बताया गया कि रेल नेटवर्क में संरक्षा, विश्वसनीयता और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए ट्रैक एवं आधारभूत संरचना में सुधार के कार्य लगातार जारी रहेंगे।




